Ahankaar Quotes In Hindi

नजरियाँ और अहम् दोनों अलग कर देते है,
फर्क सिर्फ इतना है की
नजरियाँ आपको लोगो से अलग बनाता है,
और अहम् आपको लोगो से अलग कर देता है !!
जित किसके लिए और हार किसके लिए,
जिन्दगी भर ये तकरार किसके लिए,
जो भी आया है वो जाएगा एक दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए !!
मत करना कभी भी गुरुर अपने आप पर ए इन्सान,
न जाने खुदा ने तेरे और मेरे जैसे कितने को,
मिटटी से बनाकर मिटटी में मिला दिए !!
ए समंदर तुझे गुमान है अपने कद पर,
मुझको देख नन्हा सा परिंदा हूँ फिर भी
तेरे ऊपर से गुजर जाता हूँ !!
अपने अंदर से अहंकार को निकालकर
स्वयम को हल्का कीजिये,
क्यूंकि उंचा वही उठता है जो हल्का होता है !!
हर किसीको अपने ज्ञान का अभिमान तो होता है,
मगर अपने अभिमान का ज्ञान नहीं होता !!
अहंकार और पेट जब बढ़ जाता है,
तब इन्सान चाहे तो भी किसीको गले नहीं लगा पाता !!
दो तरह से चीजें देखने में छोटी नजर आती है,
एक दूर से और दूसरा गुरुर से !!
लगेगी एक दिन उनके गरूर को ठोकर,
जमीन पर जो कदम देखकर नहीं रखते !!
दुनिया का सबसे कठिन शब्द है वाह,
जब आप किसीके लिए एसा बोल्त्ये है,
तब ना सिर्फ आप अपने अहंकार को तोड़ते है,
बल्कि एक दिल भी जित लेते है !!
घमण्डी के लिए कहीं कोई ईश्वर नहीं,
ईर्ष्यालु का कोई पड़ोसी नहीं,
और क्रोधी का कोई मित्र नहीं !!
यदि सफल होना चाहते हो,
तो पहले अपने अभिमान का,
नाश कर डालो !!
ऊँचा उठना है तो,
अपने अंदर के
अहंकार को निकालकर,
स्वयं को हल्का कीजिये,
क्योंकि ऊँचा वही उठता है
जो हल्का होता है !!
किसी शांत और विनम्र व्यक्ति से
अपनी तुलना करके देखिए,
आपको लगेगा की आपका
घमण्ड निश्चय ही त्यागने जैसा है !!
मनुष्य में द्रढ़ता होनी चाहिए जिद नहीं,
बहादुरी होनी चाहिए जल्दबाजी नहीं,
दया होनी चाहिए कमजोरी नहीं,
ज्ञान होना चाहिए अहंकार नहीं !!
अहंकार के अंधे इन्सान को
न तो अपनी गलतियां दिखती है,
और न ही दुसरे इंसानों में अच्छी बाते !!
आपने कभी सोचा है की,
हमारा अपना क्या है ?
जन्म दुसरे ने दिया,
नाम दुसरे ने दिया,
शिक्षा दुसरे ने दी,
काम करना भी दुसरे ने सिखाया,
अंत में समशान भी दुसरे ले जायेंगे,
हमारा अपना इस संसार में क्या है
जो हम इतना घमंड करते है !!
असल में यह हमारा अहम् है,
जो हमें अपनी असफलता को
न स्वीकार करने के लिए,
विवश कर देता है !!
एक कब्रिस्तान के बाहर लिखा था,
सैंकड़ों दफ़न है यहाँ,
जो सोचते थे की दुनिया
उनके बिना नहीं चल सकती !!
अपने कुछ होने का अहंकार ही
व्यक्ति को उसके गौरव से वंचित रखता है !!
अहंकार में तीनों गए,
धन, वैभव और वंश,
यकीन ना आये तो देख लो,
रावण, कौरव और कंस !!
ठण्ड में हाथ और
घमंड में दिमाग
काम नहीं करते !!

Ads go here

Comments